हम हैं पूर्वांचल के डॉन, हममें भी है दम

वाराणसी (संतोष राय) यूपी में चुनाव हो और पूर्वांचल के डॉन अपना जौहर ना दिखाएं ऐसा नहीं हो सकता। इसको प्रमाणिकता मिल रही है निकाय चुनाव में आए परिणाम से। मोदी लहर में भी इन बाहुबलियों ने अपना डंका बजवाया था। निकाय चुनाव ें प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी का मैजिक साफ देखने को मिला है। इस मैजिक को थामने का काम पूर्वांचल के बाहुबलियों ने कर दिखाया है। बात हो मऊ के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी या माफिया डॉन एमएलसी बृजेश सिंह, उनके भतीजे भाजपा विधायक सुशील सिंह, भदोही के निर्दलीय विधायक विजय मिश्र, महाराजगंज के बाहुबली नेता अमरमणि त्रिपाठी इन्होंने अपने क्षेत्र में काफी अंतराल से योगी के मैजिक के साथ अपने बाहुबल के दम को दिखाने का काम किया है।
मऊ और गाजीपुर में मुख्तार अंसारी के परिवार का खासा राजनैतिक दखल देखा जाता है। अपने गृह क्षेत्र मुहम्मदाबाद में मुख्तार अंसारी के परिवार को निकाय चुनाव में अपनी खोयी जमीन वापस करने का अवसर मिला है। यहां पर बसपा प्रत्याशी शमीम अहमद को विजय मिली है। वहीं जमानियां में एहसान जफर, सैदपुर में सरिता सोनकर, बहादुरगंज में निकहत परवीन चुनाव जीतीं हैं। हालांकि दिलदारनगर में मुख्तार अंसारी के खास अतुल राय को मुंह की खानी पड़ी है। वहां बसपा प्रत्याशी को निर्दलीय उम्मीदवार अविनाश जायसवाल ने पटखनी दे दी है। इसके अलावा गाजीपुर सदर से भाजपा की सरिता अग्रवाल, नगर पंचायत सादात से भाजपा की प्रमिला यादव व जंगीपुर से निर्दलीय विजय लक्ष्मी गुप्ता को विजय मिली है।
मऊ की बात करे तो यहां भी बाहुबली मुख्तार का मैजिक काफी चला है। मऊ सीट से बसपा उम्मीदवार तैय्यब पालकी, अदरी नगर पंचायत से बसपा की वजीहा खातून भी जीती हैं। इसके अलावा अमिला नगर पंचायत से निर्दलीय वंदना गुप्ता, दोहरीघाट से बीजेपी की वेदना सोनकर, घोसी से निर्दलीय साकिया खातून, मधुबन से निर्दलीय माधुरी जायसवाल, कोपागंज से सपा की शबनम खातून, वलीदपुर से पीस पार्टी की सबीना, चिरैयाकोट से राजद की लीलावती, गोहना मुहम्मदाबाद से निर्दलीय शकील अहमद चुनाव जीते है।
डॉन बृजेश के परिवार का भी खासा दिखा असर
बात की जाए माफिया डॉन एमएलसी बृजेश सिंह की तो इनका गृहक्षेत्र वाराणसी है। वाराणसी के धरहरा के रहने वाले बृजेश के परिवार का राजनैतिक गढ़ चंदौली को माना जाता है। राजनीति में पहली बार बृजेश सिंह ने चंदौली के सैयदराजा विधानसभा से अपना भाग्य आजमाया था। हालांकि उन्हें वहां पर हार का सामना पड़ा था। उनके भतीजे सुशील सिंह वर्तमान समय में अपने चाचा को पटखनी देने वाले मनोज सिंह डब्लू को धूल चटाकर विधायक हैं। चंदौली की राजनीति में सुशील ने एक नायाब रिकार्ड भी बना रखा है। चंदौली में वह वर्तमान समय में तीसरी बार सैयदराजा से विधायक हैं। इससे पूर्व वह सकलडीहा व धानापुर से विधायक रह चुके है। सुशील हर बार विधानसभा क्षेत्र बदलकर विधायक बन अपने विरोधियों चित करने में कामयाब रहें। निकाय चुनाव में भी चंदौली में इनके परिवार का जादू सर चढ़कर बोला है। सैयदराजा से उनके करीबी भाजपा के वीरेंद्र कुमार तो मुगलसराय से भाजपा प्रत्याशी संतोष की जीत हुई है। नगर पंचायत चंदौली से भी भाजपा ने अपना परचम फहराया है। चकिया में भाजपा को हार मिली है। यहां राजद के अशोक बागी जीते हैं।
भदोही में बाहुबली विजय मिश्र हैं स्थापित
बाहुबली विधायक विजय मिश्र विधान सभा चुनाव में सपा से टिकट कटने के बाद निषाद पार्टी के समर्थन से विधायक हुए थे। लेकिन निकाय चुनाव में ज्ञानपुर नगर पंचायत सीट पर उनका समर्थन भाजपा प्रत्याशी हीरालाल मौर्य को था। जिन्हें वह जिताने में कामयाब रहें। इसके अलावा नगर पंचायत सुरियावां से सपा गोरेलाल, घोसिया से निर्दलीय रजिया परवीन, खमरियां से सपा के नंदन मौर्य, नई बाजार से सपा विजय सोनकर को विजय मिली है।
बाहुबली अमरमणि त्रिपाठी के विधायक पुत्र अमनमणि का भी दिखा जलवा
महाराजगंज की राजनीति में खासा दखल रखने वाले जेल में बंद बाहुबली अमरमणि त्रिपाठी के परिवार का रसूख भी निकाय चुनाव में देखने को मिला है। उनके गृह क्षेत्र नौतनवां से उनके करीबी निर्दलीय गुड्डू खान जीत गए है। इसके अलावा महाराजगंज नगर पालिका में बीजेपी के कृष्ण गोपाल को जीत मिली है। आनंद नगर से बीजेपी के राजेश जायसवाल, घुघली से निर्दलीय उम्मीदवार उर्मिला, सिसवां से बीजेपी की रागिनी जायसवाल व मिश्रौल से कांग्रेस के विश्वनाथ मद्येशिया जीते है।