नहीं रहे शशि कपूर, लंबी बीमारी के बाद मुंबई के अस्पताल में निधन

मुंबई । हिंदी फिल्मों के लोकप्रिय अभिनेता शशि कपूर का सोमवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 79 साल के थे। उन्होंने कोकिलाबेन अस्पताल में अंतिम सांस ली। अपने समय में इंडस्ट्री के सबसे व्यस्ततम अभिनेताओं में शुमार शशि कपूर का जन्म 18 मार्च 1938 को हुआ था। साल 2011 में उनको भारत सरकार ने पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया था। साल 2015 में उनको 2014 के दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

नाटक से हुई थी करिअर की शुरुआत

पृथ्वीराज कपूर के सबसे छोटे बेटे शशि कपूर ने पृथ्वी थिएटर के नाटक ‘शंकुतला’ से अपने करियर की शुरू की थी। राज कपूर की पहली फिल्म ‘आग’ और तीसरी फिल्म ‘आवारा’ में शशि ने अपने बड़े भाई राज कपूर के बचपन की भूमिकाएं निभाई थीं। यश चोपड़ा ने फिल्म ‘धर्मपुत्र’ के जरिए शशि को इंडस्ट्री में एंट्री कराई थी। शशि कपूर ने अपने करियर में 160 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया। ‘धर्मपुत्र’ के बाद शशि ने ‘चारदीवारी’ और ‘प्रेमपत्र’ जैसी असफल फिल्मों में काम किया था। इसके बाद उनकी ‘मेहंदी लगी मेरे हाथ’, ‘मोहब्बत इसको कहते हैं’, ‘नींद हमारी ख्वाब तुम्हारे’, ‘जुआरी’, ‘कन्यादान’, ‘हसीना मान जाएगी’ जैसी फिल्में आई, लेकिन सारी नाकामयाब रही।

अमिताभ के साथ हिट रही थी जोड़ी

‘जब-जब फूल खिले’ फिल्म के जरिए शशि की कामयाबी का सफर शुरू हुआ। यह फिल्म गोल्डन जुबली साबित हुई थी। शशि ऐसे ऐक्टर थे जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रिटिश और अमेरिकी फिल्मों में काम किया था। इनमें ‘द हाउसहोल्डर’, ‘शेक्सपियरवाला’, ‘बॉम्बे टॉकीज’ तथा ‘हिट एंड डस्ट’ जैसी फिल्में शामिल हैं। 1974 से 1991 के बीच अमिताभ बच्चन के साथ शशि कपूर की जोड़ी काफी हिट रही। इन दोनों ने 12 फिल्मों (रोटी, कपड़ा और मकान, दीवार, कभी-कभी, ईमान धरम, त्रिशूल, काला पत्थर, सुहाग, दो और दो पांच, शान, सिलसिला, नमक हलाल, और अकेला) में बतौर को-स्टार काम किया। इसमें सुपरहिट फिल्म दीवार में शशि कपूर का डायलॉग ‘मेरे पास मां है’ काफी चर्चित रहा है।