क्या काशी की सुरक्षा वाकई रामभरोसे है?

वाराणसी। सबसे संवेदनशील शहरों में शुमार काशी की सुरक्षा पर प्रश्चचिन्ह् खड़े हो रहे है। सोमवार को जिस प्रकार से गंगा आरती के समय थाई नागरिक द्वारा स्वयं निर्मित ड्रोन कैमरा को गंगा घाटों के ऊपर दौड़ाया गया उससे तो यही लगता है वाराणसी की खुफिया ईकाईयां सो रहीं है। एक विदेशी नागरिक द्वारा बड़ी आसानी से ड्रोन कैमरे को गंगा के लगभग सभी घाटों के उपर से आसानी से उड़ाया जाता है वह भी उस समय जब गंगा आरती हो रही थी। जब तक पुलिस या खुफिया विभाग समझ पाती तब तक तो कोई भी बड़ी घटना घट सकती थी।
ड्रोन कैमरे को आसमान में उड़ता देख चूंकि स्थानीय पुलिस तत्काल हरकत में आई और छानबीन कर ड्रोन कैमरे को संचालित कर रहे थाईलैंड के युवक ओसदाउत को पकड़ लिया और उसके पासपोर्ट, पहचान पत्र जांचने के बाद लिखित माफीनामा लेकर छोड़ दिया। युवक के अनुसार उसे नहीं पता था कि यहां ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित है। यह सवाल यहीं नहीं खत्म होता। बात यह है कि क्या खुफिया विभाग सो रहा था। अगर यही हालात रहे तो कभी भी काई बड़ी आतंकवादी घटना घट सकती थी। जबकि शहर कई आतंकी घटनाओं की मार झेल चुका है। फिर भी इस तरह की लापरवाही को हल्की-फुल्की लापरवाही नही कह सकते यह एक बड़ी लापरवाही है।