2022 तक वाराणसी में बनेगा मालभाड़ा गांव, विश्व बैंक को भेजी डीपीआर

वाराणसी। देश का पहला फ्रेट विलेज (मालभाड़ा गांव) को काशी में बनाने की भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी योजना को केंद्र सरकार ने मंजूरी मिल गई है। इस योजना को मूर्त लेने में करीब पांच साल लगेंगे। योजना की डीपीआर पहले ही बनाई जा चुकी थी। जिसको केंद्र सरकार की अनुमति की जरुरत थी। जो अब मिल गई है। रामनगर में जल परिवहन के लिए निमार्णाधीन मल्टी मॉडल टर्मिनल के पास करीब सौ एकड़ क्षेत्रफल में यह योजना 2022 तक मूर्तरूप लेगी। वित्त मंत्रालय और नीति आयोग की सहमति के बाद इसकी डिजाइन और डीपीआर विश्व बैंक को भेज दी गई है। इस योजना पर 3055 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। फ्रेट विलेज की सड़क, रेल और जल परिवहन तीनों से सीधी कनेक्टिविटी होगी। इसके जरिए वाराणसी ‘ट्रांसपोर्ट हब’ के रूप में विकसित होगा। निमार्णाधीन मल्टी मॉडल टर्मिनल का जायजा लेने आए आईडब्ल्यूएआई के वाइस चेयरमैन प्रवीर पांडेय ने बताया कि यह देश का पहला फ्रेट विलेज होगा।
होगी सहूलियत, मिलेगा लाभ
वहीं शहर के व्यापारियों के अनुसार इस सुविधा से काफी लाभ मिलेगा। व्यापार करने के नए रास्ते खुलेंगे। खुद निर्मित माल को देश-विदेश भेजने में आसानी होगी। यहां पर देश-विदेश से बड़े व्यापारियों केआने की भी उम्मीद जगेगी।