जाने : राज्यसभा से अपनी सदस्यता खत्म किए जाने पर क्या बोले शरद यादव

दिल्ली। शरद यादव ने राज्य सभा से अयोग्य करार दिए जाने के एक दिन बाद लोकतंत्र को बचाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। सदस्यता खत्म किए जाने से आहत यादव ने कहा कि यदि “मुझे राज्यसभा से अयोग्य घोषित किया गया क्योंकि बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को हराने के लिए बनाए गए महागठबंधन को 18 महीने बाद सत्ता में बने रहने के लिए तोड़ दिया गया. अगर इस गैर-लोकतांत्रिक कार्यशैली के खिलाफ बोलना मेरी गलती है तो मैं लोकतंत्र को बचाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखूंगा।” शरद यादव ने अपनी और अपने साथी सांसद अली अनवर की राज्यसभा सदस्यता खत्म करने के राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के फैसले को असंवैधानिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि ‘संवैधानिक प्रश्न यह है कि भारत निर्वाचन आयोग तथा राज्यसभा के सभापति जब संसद के बनाये हुए जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 29 (ए) के अनुसार पंजीकृत राजनैतिक दल के निर्वाचित पदाधिकारियों की वैधता का निर्धारण उनके क्षेत्राधिकार में नहीं है, फिर वे किस क्षेत्राधिकार से तथाकथित असंवैधानिक एवं फर्जी तरीके से निर्वाचित स्वयंभू पार्टी पदाधिकारियों की सूचना या याचिका के आधार संविधान की दसवीं अनुसूची के प्रावधानों एवं नियमों की व्याख्या कर शरद यादव एवं अली अनवर की राज्यसभा सदस्यता खत्म की और जिन तथाकथित याचिकाकर्ता राम चन्द्र प्रसाद सिंह की सदस्यता खत्म करना चाहिए उसपर मौन रहकर उन्हें क्यों बचा रहे हैं।’