मेहनत लाई रंग : प्रदेश का पहला स्वच्छ गांव बना चोलापुर ब्लाक का छितौनीकोट

वाराणसी। मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों मेंं जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। यह कहावत सही कर दिखाया है चोलापुर ब्लाक के छितौनी कोट की महिलाओं ने। इन महिलाओं ने केवल गांव को ही नहीं स्वच्छ किया बल्कि अपने लिए एक स्थायी आय का स्त्रोत भी ढूढ़ लिया है और अब बकायदा रोजी-रोटी भी चला रहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट एक कदम स्वच्छता की ओर को इन महिलाओं ने और गति दी है। छितौनी कोट गांव पूरे उत्तर प्रदेश का एक मात्र ऐसा गांव है जिसे स्वच्छ गांव के लिए घोषित किया गया है। यह वाराणसी के लिए गौरव की बात है। गांव को साफ करने की यह पहल मोदी सरकार की एसएलआरएम योजना के तहत हुई है। गांव की इन उत्साही महिलाओं की वजह से उनका गांव प्रदेश का पहला पूर्ण स्वच्छ गांव बन गया है। चोलापुर ब्लॉक के छितौनी कोट गांव में बने एसएलआरएम सेंटर में बॉक्स में रखी चूड़ियां, बोतल के ढक्कन, टूथ ब्रश, कॉस्मेटिक की डिब्बियां, कांच की बोतलें और टोकरी में सजे घरेलू सामानों को इकट्ठा कर ये महिलाएं आज अपनी रोजी-रोटी चला रही हैं।

कैसे जुड़ी महिलाएं-

गांव की महिलाओं की एक बैठक हुई जिसमें कहा गया कि गांव को स्वच्छ रखना है। और इसके लिए महिलाओं को आगे आना होगा। स्वच्छता के प्रति महिलाओं को जागरूक किया गया तथा बीमारियों से बचने तथा होने के कारण भी बताएं गए। जिस पर 50 महिलाओं ने अपनी संतुति दी और गांव को स्वच्छ बनाने के अभियान में जुट गई। फिर क्या था पूरा गांव चमक ने लगा। धीरे-धीरे इन्हें कूड़ों के ढेर से रोजी-रोटी भी मिलने लगा। आज ये महिलाएं स्वालंबी भी है। यहां तक की दूसरों को रोजगार भी दे रही हैं।