इस बार सावन में दिव्यांग श्रद्धालुओं को बाबा विश्वनाथ दरबार में शीश नवाना होगा आसान, मिलेंगी यह सुविधाएं

वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन में पहली बार दिव्यांग श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन आसानी से मिलेंगे। मंदिर प्रशासन की ओर से दिव्यांग श्रद्धालुओं को नीलकंठ मार्ग से प्रवेश दिया जाएगा। दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से बनवाया गया रैंप अब बनकर तैयार है। सुरक्षा कमेटी की हरी झंडी मिलने के बाद सावन में ही इसे शुरू भी करा दिया जाएगा। काशी में बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक की तैयारियां जोरशोर से शुरू हो गई हैं। मंदिर जाने वाले रास्ते पर करीब चार किमी लंबाई में बैरिकेडिंग होगी। मंदिर परिसर से लेकर परिक्षेत्र की गलियों में भगवान शिव के मंत्र और भक्तिगीत भी गूंजते रहेंगे। काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन के दौरान भीड़ का दबाव कम करने और श्रद्धालुओं की आसानी के लिए इस बार कुछ नए रास्ते देने पर भी विचार किया जा सकता है। कांवरिया भोले भक्तों की सेवा के लिए 10 से अधिक शिविर खोले जाएंगे। मंदिर प्रशासन जलाभिषेक और सोमवार शृंगार की तैयारियों में जुट गया है। इसके अलावा प्रसाद के लिए अलग से काउंटर, मंदिर में साउंड और टीवी सिस्टम भी लगाया जाएगा। लाइन में लगे हुए श्रद्धालु बाबा का दर्शन कर सकेंगे। विश्वनाथ मंदिर के अलावा मृत्युंजय महादेव, तिलभांडेश्वर महादेव, गौरी केदारेश्वर महादेव, गभस्तीश्वर महादेव, गौतमेश्वर महादेव, अहिलेश्वर महादेव, बीएचयू के विश्वनाथ मंदिर, शूलटंकेश्वर महादेव, मारकंडेय महादेव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। सोमवार को बाबा की मंगला आरती भोर में 2.30 बजे से 4 बजे तक होगी। वहीं सप्तर्षि आरती शाम 5.30 बजे, शृंगार आरती व भोग आरती दो घंटे पूर्व होगी। रात्रि 8.30 बजे के बाद श्रद्धालु बाबा के शृंगार दर्शन कर सकेंगे। सावन के पहले सोमवार को यादवों का समूह सुबह 9 बजे बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करेगा। मंदिर के ओएसडी आलोक सिंह ने बताया कि दिव्यांग श्रद्धालुओं को पहली बार नीलकंठ द्वार से अलग से प्रवेश देने की तैयारी की जा रही है। रैंप बनकर तैयार हो चुका है।