नई तकनीक विकसित, अब बछड़े नहीं केवल बछिया ही होगी पैदा

वाराणसी। अब गायों को बछड़ा नहीं, बछिया ही पैदा होगी। अमेरिकी तकनीक से विकसित किए गए सीमन से ऐसा संभव हो सका है। राजकीय पशु चिकित्सालय में यह सीमन आ चुका है। गायों को इसे चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभी यह पशु अस्पताल में निशुल्क है। आगे से शुल्क लिया जाएगा। कंपनी का दावा है कि इस सीमन से 98 फीसदी बछिया होने की संभावना है। इससे पैदा हुई बछिया देशी नस्ल की होगी और 15 से 20 लीटर दूध देगी। बछिया पैदा होने वाले सीमन को पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह योजना देश में पांच जिले और प्रदेश के दो जिलों वाराणसी और शाहजहांपुर में इस पर काम शुरू हो गया है। पशु अस्पताल के डॉक्टर अपनी देखरेख में गायों को सीमन चढ़ाएंगे। इसके लिए देशी या शाहीवाल नस्ल की गायों का चयन किया जाएगा। सीमन चढ़ाने के पहले गायों को प्रोटीनयुक्त मिक्सचर खिलाया जाएगा। इसके बाद हार्मोन का इंजेक्शन दिया जाएगा। इंजेक्शन देने के 12 दिन बाद सीमन चढ़ाया जाएगा। तीन महीने बाद गायों की जांच की जाएगी। बछिया पैदा होने के बाद इसकी डीएनए की जांच भी की जाएगी। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके सिंह का कहना है कि वाराणसी और शाहजहांपुर में योजना शुरू की गई है। अभी 2500 गायों के लिए सीमन आया है।