हिंदू युवा वाहिनी पर लगा यह कैसा गंभीर आरोप

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में हिंदू युवा वाहिनी द्वारा एक चर्च में प्रार्थना सभा रुकवाने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि यहां अमेरिका और यूक्रेन से टूरिस्ट वीजा पर आये पर्यटकों ने जब एक चर्च में प्रार्थना सभा शुरू की तो हिन्दू युवा वाहनी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की मदद से यह प्रार्थना रुकवा दी। हिन्दू युवा वाहिनी के लोगों ने आरोप लगाया है कि ईसाई मशीनरियों द्वारा अनपढ़ और गरीब लोगों को भ्रमित करके उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। यह लोग करीब एक सप्ताह से यहां रुके हुए थे लेकिन किसी को इसकी खबर नहीं लगी। जानकारी के अनुसार, महाराजगंज जिले के कोठीभार क्षेत्र के बीजापार गांव में बीते शुक्रवार को कुछ विदेशी पर्यटक आकर ठहरे थे। पर्यटकों ने दिल्ली के देवराज गौड़ा नाम के एक व्यक्ति के साथ चर्च में प्रार्थना सभा शुरू की थी। इस सभा में करीब 150 लोग मौजूद थे। बताया जा रहा है कि इसकी खबर हिंदू युवा वाहिनी को लगी तो उन लोगों ने इसे धर्मांतरण का मामला बताकर प्रार्थना करने पर आपत्ति जताते हुए इसे बंद करवा दिया। हिंदू युवा वाहिनी का तर्क है कि जब विदेशी भारत में टूरिस्ट वीजा पर घूमने के लिए आए हैं तो वह नेपाल के पास के पिछड़े इलाके में प्रार्थना सभा क्यों करा रहे हैं? प्रार्थना सभा बंद कराने पर वहां वबाल हो गया। इसकी सूचना पाकर एसओ कोठीभार आनंद गुप्ता पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और हालात को काबू में किया। देवराज गौड़ा खुद को सेवा ग्रुप ऑफ इंडिया का चैयरमैन बता रहा था। उसका कहना था कि हम लोग गुड फ्राइडे ईस्टर के लिए प्रार्थना कर रहे थे। गौड़ा का कहना है कि जब ये लोग दिल्ली आए तो सीमापुरी थाने के एचएसओ को प्रार्थना पत्र देकर बता दिया गया था कि वे  आध्यात्मिक बैठक में भाग लेने भारत आए हैं। इस दौरान वह यूपी, उत्तराखंड और दिल्ली में रुकेंगे। हालांकि इस मामले में एसओ कोठीभार ने बताया कि एक सप्ताह पहले यहां दिल्ली के रहने वाले देवराज गौड़ा के साथ कुल 9 विदेशी आए थे। इसमें अमेरिका के रहने वाले विलियम फेडमिन, एलेक्जेंडर डूडकल, रॉबर्ट कलिशियस, केविन फेडमिन, यूक्रेन के निवासी पॉवेल, गौरवेल, कजमीर कैशेन, पटदाना वालेन और एलेना हैं। सभी विदेशियों के पासपोर्ट और वीजा की फोटोकॉपी कराकर उसे अपने पास रख लिया गया है। इसमें से एक यूक्रेन की विदेशी महिला एलेना का पासपोर्ट नहीं था। विदेशियों ने बताया कि उनका पासपोर्ट दिल्ली में छूट गया है। मोबाइल पर एलेना के पासपोर्ट की फोटो दिखाई, लेकिन उसे रोककर बाकी विदेशियों को जाने की इजाजत दे दी गई है। मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। इस बारे में उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों को भी बता दिया है।